वस्ल-ओ-फ़िराक़
By Sunil · Romance · $19.00 · eBook on Writro
प्यार कभी सीधा और आसान नहीं होता—यह 'वस्ल' यानी मिलन की ख़ुशी और 'फ़िराक़' यानी जुदाई के दर्द का एक खूबसूरत संगम है। जब दो दिल एक ऐसी दुनिया में मिलते हैं जो उन्हें अलग करने की कोशिश में हो, तो उनका रिश्ता वक़्त की सीमाओं को भी पार कर जाता है। तारों की छाँव में हुई धीमी बातें और जवाब न मिलने वाले ख़तों का सन्नाटा—यह सफ़र अहसासों की नाज़ुक डोर को बयां करता है। बार-बार बदलती तक़दीर उन्हें चाहत, त्याग और अनकहे जज़्बातों की राह पर ला खड़ा करती है। क्या सच्चे मिलन का बस एक पल, उम्र भर के दर्द से बढ़कर हो सकता है? या सबसे गहरा प्यार वहीं पलता है, जहाँ दो लोग एक-दूसरे से बिछड़ जाते हैं? 'वस्ल-ओ-फ़िराक़' प्यार के सबसे सच्चे और गहरे रंगों की एक बेहद ख़ूबसूरत पेशकश है। उन पाठकों के लिए एक ज़रूरी किताब जो दिल को छू लेने वाली ग़ज़लों और जुदाई व मिलन के बीच की दास्तान को महसूस करना पसंद करते हैं।
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